पूरी क्षमता के साथ खुले सिनेमाघर, 50 से अधिक फिल्में रिलीज के लिए तैयार

 - ब्यूरो रिपोर्ट -

मुंबई। कोरोना वायरस महामारी के कारण बॉलीवुड की बड़ी बजट की फिल्में अभी नहीं आ रही हैं और टिकट काउंटर पर हाउसफुलका बोर्ड भी फिलहाल देखने को नहीं मिल सकता है। लेकिन कई राज्य शत प्रतिशत सीट क्षमता के साथ सिनेमाघरों को दर्शकों के लिए खोल रहे हैं और ऐसे में फिल्म उद्योग नयी रिलीज के साथ 2020 को पीछे छोड़ने की उम्मीद कर रहा है।



केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को सिनेमाघरों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए नयी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की तथा एक फरवरी से सिनेमाघरों को 100 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति दी थी। सरकार के इस फैसले से सिनेमाघर मालिकों, फिल्म वितरकों और निर्माताओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी, जिन्होंने कहा है कि यह कदम फिल्म उद्योग को फिर से पटरी पर लाने के लिए बहुत जरूरी था। मार्च 2020 से ही देशभर के सिनेमाघर बंद पड़े हुए थे, जिसके चलते अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म "सूर्यवंशी", रणवीर सिंह की "83" और आमिर खान की "लाल सिंह चड्ढा" जैसी बड़ी बजट की फिल्में रिलीज नहीं हो पाईं। इन सभी फिल्मों के निर्माताओं को रिलीज की तारीख आगे बढ़ानी पड़ी। लेकिन अब स्थिति बदल सकती है और 2021 पूरी तरह से 'सिनेमा मनोरंजन' का वर्ष हो सकता है।

उद्योग के सूत्रों का कहना है कि इस साल 50 से अधिक फिल्में सिनेमाघरों में रिलीज किये जाने के लिए तैयार हैं। उद्योग महामारी के चलते हुए नुकसान से जल्द उबरने की कोशिशें करेगा। सिने उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा सिनेमाघरों को 100 प्रतिशत क्षमता के साथ खोलने की अनुमति देना एक बहुत ही सकारात्मक कदम है, और यह एक बड़ा मौका है। यह फिल्म व्यवसाय के संकट से उबरने की प्रक्रिया को गति देगा। अधिकतर फिल्मों के निर्माता सिनेमाघरों के पूरी क्षमता के साथ खुलने को लेकर अनिश्चितता की स्थिति में थे, वे अब सरकार के इस फैसले के बाद अपनी बड़ी और मध्यम बजट की फिल्मों को रिलीज करने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

पहले दिन दिल्ली, तमिलनाडु और गुजरात समेत देश के कई राज्यों ने केंद्र के फैसले के बाद सिनेमाघरों को 100 प्रतिशत सीट क्षमता के साथ संचालन की अनुमति दी है। चूंकि इसके संचालन के लिए नया प्रोटोकॉल केवल एक दिन पहले जारी किया गया था, इसलिए सभी राज्यों में यह सब लागू होने में 10-15 दिन लग सकते हैं। दर्शकों की संख्या में छूट, निर्माताओं को अपनी फिल्मों की रिलीज की तारीख की योजना बनाने में मदद करेगी।

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