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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए उपयुक्त कदम नहीं उठाए: आईएमए

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए उपयुक्त कदम नहीं उठाए। मंत्रालय की ढिलाई और अनुचित कदमों को लेकर वह बिल्कुल हैरान है। साथ ही संगठन ने कहा कि मंत्रालय ने पेशवरों के सुझावों को कचरे के डिब्बे में फेंक दिया है। आईएमए ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को ‘ जाग ’ जाना चाहिए और कोविड-19 महामारी से पैदा हो रही चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठाना चाहिए। डॉक्टरों के संगठन ने एक बयान में यह भी आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 की दूसरी लहर से निपटने के लिए उपयुक्त कदम नहीं उठाए। बयान में कहा गया , ‘ आईएमए मांग करता है कि स्वास्थ्य मंत्रालय को नींद से जाग जाना चाहिए और कोविड-19 महामारी के कारण बढ़ती जा रहीं चुनौतियों से निपटने के लिए कदम उठाना चाहिए। ’ बयान के अनुसार , ‘ कोविड-19 महामारी की दूसरी खौफनाक लहर के कारण पैदा संकट से निपटने में स्वास्थ्य मंत्रालय की ढिलाई और अनुचित कदमों को लेकर आईएमए बिल्कुल चकित है। ’ इसमें कहा गया कि आईएमए पिछले

हम लोग गिद्ध से भी गए गुजरे हैं!

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  - श्याम माथुर - ‘ द वल्चर एंड द लिटिल गर्ल ’   शीर्षक वाली तस्वीर में हमें साफ दिखता है कि गिद्ध भी उस बच्चे का मांस नोचने के लिए कम से कम उसके मरने का इंतजार कर रहा है। लेकिन आज जो हालात हैं ,  उसमें हम लोग जिंदा इंसानों के शरीर को नोचने में जुटे हैं और इस पर हमें जरा भी शर्म नहीं आ रही। जयपुर। ‘ द वल्चर एंड द लिटिल गर्ल ’ शीर्षक वाले बेहद चर्चित फोटो और इसके साथ जुड़ी बातों की जानकारी हम में से अनेक लोगों को होगी। अफ्रीकी देश सूडान में पड़े भीषण अकाल की पीड़ा को कैप्चर करने वाली यह तस्वीर 26 मार्च , 1993 को ‘ न्यूयॉर्क टाइम्स ’ में प्रकाशित हुई थी और इस तस्वीर को अपने कैमरे में कैद किया था साउथ अफ्रीका के फोटो जर्नलिस्ट केविन कार्टर ने। केविन कार्टर का नाम पत्रकारों और फोटो जर्नलिस्ट्स के लिए नया नहीं है। उन्हें 1994 में पत्रकारिता के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों में से एक पुलित्जर अवार्ड से सम्मानित किया गया था। केविन कार्टर 1993 में सूडान में पड़े अकाल के कवरेज के सिलसिले में वहां गए थे। उन्होंने भूख से तड़प रहे बच्चे की तस्वीर खींची। उस तस्वीर में एक गिद्ध भी था , जो बच्चे के मरने का इ

देशव्यापी लॉकडाउन से पहले गरीबों के लिए इंतजाम करने के निर्देश

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने देश में जारी कोरोना की दूसरी लहर को काबू करने के लिए केंद्र और राज्यों से लॉकडाउन पर विचार करने को कहा है। रविवार को सुप्रीम कोर्ट में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले को लेकर सुनवाई हुई। कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि एक बिस्तर के साथ अस्पताल में दाखिला हासिल करना कोविड-19   महामारी की इस दूसरी लहर के दौरान अधिकांश व्यक्तियों द्वारा सामना की जा रही सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। देश में न केवल ऑक्सीजन की किल्लत है बल्कि लोगों को अस्पताल में बेड तक नहीं मिल पा रहे हैं। इसी बीच कोरोना वायरस के इलाज के लिए इस्तेमाल में आने वाली दवाइयों की भी कालाबाजारी धड़ल्ले से हो रही है। कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने लॉकडाउन के दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए यह भी कहा कि सरकार अगर लॉकडाउन लगाती है तो गरीबों के लिए पहले से ही इंतजाम किए जाएं। साथ ही कोर्ट ने कोरोना मरीजों को अस्पताल में भर्ती को लेकर दो सप्ताह में राष्ट्रीय नीति बनाने के लिए केंद्र सरकार से कहा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को कोरोना वायरस की वैक्सीन का मूल्य न

फिल्म इंस्टीट्यूट के दीक्षांत समारोह का आयोजन, सत्यजित रे के जन्म शताब्‍दी समारोह भी शुरू

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - कोलकाता। सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में रविवार को वर्चुअल दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। यह दिन इसलिए भी खास रहा क्‍योंकि महान फिल्म शख्सियत सत्यजित रे के साल भर चलने वाले जन्म शताब्‍दी समारोह का शुभारंभ भी इसी दिन हुआ है। संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर अमरेश चक्रबर्ती ने कहा , ‘ यह दिन हमारे लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्‍योंकि सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान ने सर्वथा नए फिल्म निर्माताओं के एक प्रतिभाशाली समूह से राष्ट्र को रू-ब-रू कराया है। ’ फिल्म प्रकोष्‍ठ के तेरहवें बैच , इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया प्रकोष्‍ठ के पहले बैच और एनीमेशन सिनेमा के पहले बैच के स्नातकों ने अलग-अलग अहम विशेषज्ञता हासिल करने और अपनी-अपनी पहली फिल्मों को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अपना ‘ पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा सर्टिफिकेट ’ प्राप्त किया। महान फ़िल्मकार सत्यजित रे की फिल्म निर्माण शैली में अत्‍यंत उत्‍कृष्‍ट ढंग से जो सादगी एवं सरलता रही है उससे भी इन युवा फिल्म निर्माताओं को एकदम शुरुआत में ही रू-ब-रू करा दिया जाता है। इस संस्थान द्वारा तैयार एवं प्रस्‍त

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता तमिल फिल्म निर्देशक के वी आनंद का निधन

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - चेन्नई। जाने - माने तमिल फिल्म निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर के वी आनंद का दिल का दौरा पड़ने से शुक्रवार को निधन हो गया। उनके परिवार के करीबी सूत्रों ने यह जानकारी दी। फिल्म उद्योग प्रचारक और फिल्म विश्लेषक रियाज के अहमद ने बताया , दिल का दौरा पड़ने से एक अस्पताल में तड़के तीन बजे उनका निधन हो गया। वह 54 वर्ष के थे। आनंद ने अपने कॅरियर की शुरुआत 1994 में मलयालम फिल्म ‘ थेनमविन कोम्बाथ में सिनेमैटोग्राफर के रूप में की थी और कई दशक तक इस क्षेत्र में काम करने के बाद उन्होंने तमिल फिल्म ‘ काना कानदेन ’ ( 2005) से निर्देशकीय पारी की शुरुआत की। ‘ थेनमिवन कोम्बाथ ’ के लिए आनंद को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। जाने-माने अभिनेता एवं मक्कल निधि मय्यम के प्रमुख कमल हासन ने कहा कि आनंद ने अपने जीवन की शुरुआत एक फोटो पत्रकार के रूप में की और अपने अथक प्रयासों एवं पहलों से उन्होंने खुद को एक प्रतिष्ठित सिनेमैटोग्राफर-फिल्म निर्देशक के रूप में स्थापित किया। हासन ने कहा , ‘ उनका निधन फिल्म उद्योग के लिए एक बड़ी क्षति है। ’ फिल्म उद्योग पर नजर रखने वा

ऑक्सीजन के लिए हांफते देश में बढ़ने लगा ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का बाजार

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - जयपुर। देश में लोग जिस तरह ऑक्सीजन के लिए तड़प रहे हैं और आज जब पूरे भारत में ऑक्सीजन सिलेंडर को लेकर त्राहिमाम मचा हुआ है और कहीं भी वक्त पर ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही है , ऐसे में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर , ऑक्सीजन थेरेपी के लिए एक बेहतर विकल्प बताया जा रहा है। खासकर उन लोगों के लिए जो होम आइसोलेशन में हैं। ज्यादा वक्त नहीं गुजरा , जब दिल्ली सहित भारत के तमाम बड़े शहर प्रदूषण की समस्या से जूझते नजर आ रहे थे और हर कोई प्रदूषण की बात कर रहा था और पीएम वैल्यू पर चर्चा कर रहा था। और पीएम के स्तर के साथ रेडियो-टेलीविजन पर आवाजें गूंज रही थी कि ‘ क्या आपका इस आबोहवा में सांस लेना दूभर हो गया है , तो आज ही ले आइए. फलाना कंपनी का एयरप्यूरीफायर ' शुद्ध हवा की गारंटी , अब खुल के सांस लेना हुआ आसान! प्रदूषण के स्तर ने एक नए बाजार को खोला और देशभर में एयर प्यूरीफायर धड़ल्ले से बिकने लगे। इसका नतीजा यह हुआ कि कई कंपनियां इस कारोबार में कूद पड़ीं। इसकी सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जीरो से शुरू हुआ ये कारोबार आज 200 करोड़ से भी ऊपर पहुंच चुका है। यही

जुनूनी एंकर पत्रकार रोहित सरदाना की कोरोना से मौत

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  - ब्यूरो रिपोर्ट - नई दिल्ली। मशहूर न्यूज एंकर रोहित सरदाना की कोरोना से मौत हो गई है। लंबे समय तक जी न्यूज में एंकर रहे रोहित सरदाना इन दिनों आज तक न्यूज चैनल में एंकर के तौर पर काम कर रहे थे। सुधीर चौधरी ने ट्वीट किया , ' अब से थोड़ी पहले जितेंद्र शर्मा का फोन आया। उसने जो कहा सुनकर मेरे हाथ काँपने लगे। हमारे मित्र और सहयोगी रोहित सरदाना की मृत्यु की ख़बर थी। ये वायरस हमारे इतने क़रीब से किसी को उठा ले जाएगा ये कल्पना नहीं की थी। इसके लिए मैं तैयार नहीं था। यह भगवान की नाइंसाफ़ी है...। ' लंबे समय से टीवी मीडिया का चेहरा रहे रोहित सरदाना इन दिनों ' आज तक ' न्यूज चैनल प्रसारित होने वाले शो ' दंगल ' की एंकरिंग करते थे। 2018 में ही रोहित सरदाना को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार से नवाजा गया था। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी रोहित सरदाना की मौत की जानकारी दी है। उन्होंने ट्विटर पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा , ' दोस्तों बेहद दुखद खबर है। मशहूर टीवी न्यूज एंकर रोहित सरदाना का निधन हो गया है। उन्हें आज सुबह ही हार्ट अटैक आया है। उनके परिवार के प्रति गहरी