डिजिटल पेमेंट सेवाओं के लिए सातों दिन 24 घंटे काम करने वाली हेल्‍पलाइन का एलान

 - ब्यूरो रिपोर्ट -

मुंबई। भारतीय रिजर्व (आरबीआई) ने डिजिटल पेमेंट सेवाओं के लिए सातों दिन 24 घंटे काम करने वाली एक हेल्‍पलाइन बनाने का एलान किया है। इसका मकसद डिजिटल पेमेंट सर्विसेज को और मजबूत बनाना है। सितंबर तक यह सेवा शुरू हो जाएगी। आरबीआई ने शुक्रवार को दो महीने में होने वाली अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में यह बात कही है।



डिजिटल पेमेंट सेवाओं के लिए हेल्पलाइन से डिजिटल पेमेंट से जुड़ी यूजर की शिकायतें जल्द दूर करने में मदद मिलेगी। इससे शिकायतों के निपटारे में खर्च घटाने के साथ ही यूजर का भरोसा बनाए रखने में मदद मिलेगी।

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ''डिजिटल पेमेंट की पहुंच में इजाफा हुआ है। इसकी कुशलता भी बढ़ी है। इसे देखते हुए प्रमुख पेमेंट सिस्‍टम ऑपरेटरों को सेंट्रलाइज्‍ड 24x7 हेल्‍पलाइन बनाने की जरूरत है। इसकी मदद से डिजिटल पेमेंट प्रोडक्‍टों से जुड़े ग्राहकों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे। इसके जरिये ग्राहकों को डिजिटल पेमेंट से जुड़ी शिकायतों को निपटाने के लिए अभी उपलब्‍ध सिस्‍टम की जानकारी भी दी जाएगी। आगे चलकर इस फैसिलिटी के जरिये ग्राहकों की शिकायत दूर करने के बारे में भी विचार किया जाएगा। यह हेल्‍पलाइन डिजिटल पेमेंट ईकोसिस्‍टम में ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगी।''

आरबीआई ने एमएसएमई को लोन मुहैया कराने के लिए कदम उठाया है। अधिसूचित व्यावसायिक बैंकों को सीआरआर के कैलकुलेशन के लिए अपने एनडीटीएल से नए एमएसएमई को दिए गए लोन को डिडक्ट करने की सुविधा होगी। नए एमएसएमई में वैसे उद्यम आएंगे, जिन्होंने 1 जनवरी 2021 तक बैंकिंग सिस्टम से किसी तरह का लोन नहीं लिया है।

रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया। रेपो को 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा। हालांकि केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने नीतिगत उदार रुख को बनाये रखा है। इसका मतलब है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर नीतिगर दर में कटौती की जा सकती है।

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