पिछले साल देश में कुल 8,927 घंटों तक बंद रहा इंटरनेट, 2.8 अरब डॉलर का नुकसान

 - ब्यूरो रिपोर्ट -

नई दिल्ली। टॉप10वीपीएन नामक ब्रिटिश संस्था के मुताबिक, 2020 में इंटरनेट शटडाउन की सबसे बड़ी कीमत भारत को चुकानी पड़ी। देश में कुल 8,927 घंटों तक इंटरनेट बंद रहा और इसकी वजह से 2.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। ये 2019 में इंटरनेट शटडाउन की वजह से हुए नुकसान का दुगुना है। देश में कुल मिला कर 75 बार ऐसे मौके आए, जब इंटरनेट बंद कर दिया गया।



20 देशों के सम्मिलित नुकसान से भी ज्यादा: संस्था ने इंटरनेट बंद करने वाले 21 देशों की जानकारी की समीक्षा की और पाया कि भारत में इसका जितना असर हुआ वो सूची में बाकी 20 देशों के सम्मिलित नुकसान के दुगुने से भी ज्यादा था। संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारत में असली आर्थिक असर 2.8 अरब डॉलर से ज्यादा भी हो सकता है।

कश्मीर में स्थिति विशेष रूप से खराब: रिपोर्ट में कश्मीर में लंबे समय तक इंटरनेट पर लगी पाबंदियों का अलग से जिक्र है। रिपोर्ट में इसे किसी भी "लोकतंत्र में सबसे लंबा इंटरनेट शटडाउन" बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इन प्रतिबंधों से दवाओं की उपलब्धि, कारोबार और स्कूलों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

भारत के दूसरे हिस्सों में भी शटडाउन: भारत में सबसे ज्यादा इंटरनेट शटडाउन जम्मू और कश्मीर में ही देखा गया। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में नवंबर (2020) में और मेघालय के कई इलाकों में फरवरी (2020) में इंटरनेट बंद किया गया।

दुनिया में कम हुआ असर: रिपोर्ट ने यह भी कहा कि जहां भारत में इंटरनेट बंद करने के नुकसान में इतनी बढ़ोतरी हुई, दुनिया के बाकी देशों में यह नुकसान 2019 के मुकाबले आधा हो गया। वैश्विक स्तर पर इस नुकसान का मूल्य रहा 4.01 अरब डॉलर।

93 प्रमुख शटडाउन: रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में प्रमुख तौर से 93 मौकों पर इंटरनेट बंद किया गया। भारत के अलावा ये बेलारूस, म्यांमार, यमन, इथियोपिया, अजरबैजान, तुर्की, सीरिया, ईरान, तनजानिया, वेनेजुएला और सोमालिया में देखा गया। चीन और उत्तर कोरिया जैसे देश इस सूची में नहीं हैं।

इंटरनेट शटडाउन का मतलब: रिपोर्ट में इंटरनेट शटडाउन की परिभाषा दी गई है। इसे "किसी विशेष आबादी के लिए या किसी एक स्थान पर इंटरनेट या इलेक्ट्रॉनिक संचार को इरादतन भंग करना" बताया गया है। संस्था के मुताबिक ऐसा "सूचना के प्रवाह पर नियंत्रण" कायम करने के लिए किया जाता है।

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