'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

मुंबई। कोरोना काल में फिल्म और टेलीविज़न उद्योग का कामकाज अभी रफ़्तार नहीं पकड़ पाया है और बहुत  सारे लोग आज भी मुश्किल में जीवन गुजार रहे हैं। कोरोना के संकट ने कई लोगों की आर्थिक स्थिति गंभीर बना दी है। कई जानेमाने सीरियल और फिल्मों का डायरेक्शन करनेवाले रामवृक्ष गौड़ आज भी  लॉरी चलाकर सब्जी बेचने के लिए मजबूर हैं। एक से एक जानेमाने कलाकारों को अपने इशारे पर हंसाने और रुलानेवाले डायरेक्टर आज अपनी करुण परिस्थिति से लड़ रहे हैं। डायरेक्टर रामवृक्ष उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपने घर पर रहते हैं।



रील लाइफ की जगमगाहट और भागमभाग की जिंदगी जीनेवाले डायरेक्टर को आज अपनी परिस्थितियों के साथ इस तरह समझौता  करना पड़ा कि उन्हें अपने परिवार की आजीविका के लिए सब्जी बेचना पड़ रहा है। इस परिस्थिति में भी डायरेक्टर रामवृक्ष का कहना है कि रियल लाइफ और रील लाइफ दोनों चलता है। लॉकडाउन में अपने गांव आए रामवृक्ष फिलहाल मुंबई जा पाने की स्थिति में नहीं हैं। परिवार की इन जवाबदारियों ने इस तरह से जकड़ लिया है और मुंबई में फिल्मी काम बंद हो जाने के कारण मजबूर होकर उन्हें सब्जी बेचकर आजीविका चलाना पड़ रहा है।


रामवृक्ष और उनके परिवार भले अभी कठिन समय से गुजर रहे हैं किंतु उन्हें अभी भी आशा है कि मुंबई में स्थिति सामान्य होने लगेगी तो उनका जीवन भी पहले जैसा हो जाएगा। डायरेक्टर की पत्नी अनिता गौड़ का कहना है कि भले आज की परिस्थिति खराब है, किंतु भविष्य में यह अच्छी होनी ही है। उनकी पुत्री का भी कहना है कि जब सब कुछ नॉर्मल हो जाएगा तो वह फिर से मुंबई जाकर अपने दोस्तों के साथ स्कूल में पढ़ाई करने के लिए जा सकेंगे। 25 से अधिक सीरियल और फिल्मों में डायरेक्शन का काम कर चुके रामवृक्ष ने कहा कि लॉकडाउन ने उनकी लाइफ को पूरी तरह बदल दी है। अब वह लॉरी पर सब्जी बेचने पर  मजबूर हैं। रामवृक्ष बालिका वधु, ज्योति, कुछ तो लोग कहेंगे, सुजाता जैसी सुपरहिट सीरियलों का डायरेक्शन कर चुके हैं। उन्हें फिल्मी दुनिया में 22 वर्ष का अनुभव है।


Popular posts from this blog

देवदास: लेखक रचित कल्पित पात्र या स्वयं लेखक

नई चुनौतियों के कारण बदल रहा है भारतीय सिनेमा

वैश्विक गायक मुकेश पर ‘सान्निध्य लंदन’ ने किया विशेष अन्तरराष्ट्रीय सभा का आयोजन