लॉकडाउन में युवाओं में बढ़ी टीवी देखने की आदत, न्यूज़ के लिए डिजिटल माध्यम पर भरोसा

अहमदाबाद। हाल के दौर में लागू लाॅकडाउन और उसके बाद के हालात में देश के युवा वर्ग ने अपना ज्यादातर वक्त टेलीविजन के सामने बैठकर गुजारा और जब कभी उन्होंने खबरों की तलाश की, तो वे सीधे सोशल मीडिया की शरण में ही आए। एमआईसीए इंस्टीट्यूट, अहमदाबाद के एक सर्वे में यह नतीजे सामने आए हैं।



एमआईसीए इंस्टीट्यूट के मीडिया एंटरटेनमेंट विभाग ने दावा किया है कि लॉकडाउन में 25 प्रतिशत ज्यादा युवाओं ने टेलीविजन देखा।  इस सर्वे में 20 से 25 साल के 410 युवाओं को शामिल किया गया। 57 प्रतिशत युवा ऐसे  हैं जो लॉकडाउन से पहले 2 घंटे तो लॉकडाउन के दौरान 4 घंटे टीवी देखने लगे। 30 प्रतिशत पहले 4 घंटे तो लॉकडाउन के दौरान 5 घंटे टीवी देखने लगे. 10 प्रतिशत ऐसे भी हैं जो पहले 5 घंटे तो लॉकडाउन के दौरान 8 घंटे तक टीवी देखने लगे। 


प्रो संतोष पात्रा के मुताबिक लोगों ने कॉमेडी कंटेट को ज्यादा पसंद किया है फिर चाहे वो स्टैंडअप कॉमेडी कंटेट हो या कोई दूसरा शो। इंस्टीट्यूट के इस सर्वे की मानें तो युवाओं ने तनाव दूर करने के लिए कॉमेडी कंटेट को चुना। 75 प्रतिशत युवाओं ने कॉमेडी टाइप के कार्यक्रम देखे, 25 प्रतिशत युवाओं ने धार्मिक धारावाहिक देखना पसंद किया। इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के मुताबिक युवाओं में समाचारों को लेकर भी काफी दिचस्पी रही। सर्वे में सबसे रोचक बात युवाओं के न्यूज देखने के तरीके को लेकर है।


57 प्रतिशत युवाओं ने फेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सएप पर न्यूज देखी जबकि 48 प्रतिशत युवाओं ने सीधे टीवी पर न्यूज देखी। यानी न्यूज के मामले में युवाओं की आधी से ज्यादा आबादी लॉकडाउन के दौरान डिजिटल माध्यम पर निर्भर रही।


 


 


 


Popular posts from this blog

जुनूनी एंकर पत्रकार रोहित सरदाना की कोरोना से मौत

'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

'कम्युनिकेशन टुडे' ने पूरा किया 25 साल का सफ़र, मीडिया शिक्षा की 100 वर्षों की यात्रा पर विशेषांक