पत्रकारों की हत्या और फर्जी मुकदमे दर्ज करने के खिलाफ संसद पर प्रदर्शन का एलान

नई दिल्ली। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया, दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन और यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय विक्रम जोशी के परिवार को एक करोड़ रुपए की सहायता देने की मांग की है।  एनयूजे के अध्यक्ष रास बिहारी, दिल्ली जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश थपलियाल, महासचिव के पी मलिक और उपजा के अध्यक्ष रतन दीक्षित ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पत्रकार की हत्या से  मीडिया जगत में भारी रोष व्याप्त है। प्रदेश में पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। दिल्ली से लगते गाजियाबाद और नोएडा में खराब कानून व्यवस्था के कारण ही पत्रकारों पर हमले हुए हैं। 



पत्रकार विक्रम जोशी की कल देर रात इलाज के दौरान गाज़ियाबाद के यशोदा हस्पताल में मौत हो गई। बीते सोमवार को बदमाशों ने उनके सिर में गोली मार दी थी। गोली मारने से पहले बदमाशों ने पत्रकार को बुरी तरह पीटा भी था। विक्रम जोशी गाजियाबाद के प्रताप विहार में रहते थे, हमले के वक्त बाइक पर पत्रकार की दो बेटियां भी बैठी थीं। प्रताप विहार में ही 16 जुलाई को एक पुलिस वाले के नशे में धुत बेटे ने कार से एक व्यक्ति को कुचल दिया था। पुलिस ने कुचलने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। गाजियाबाद पुलिस की ऐसी कार्यशैली पर लगातार प्रश्न उठ रहे है।


एनयूजे अध्यक्ष रासबिहारी ने पत्रकार विक्रम जोशी की हत्या की न्यायिक जांच कराने की मांग की है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से तत्काल मामले का संज्ञान लेते हुए लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। डीजेए अध्यक्ष राकेश थपलियाल और महासचिव के पी मलिक ने कहा है कि पत्रकारों की हत्या और फर्जी मुकदमें दर्ज करने के खिलाफ संसद पर प्रदर्शन किया जाएगा।


 


Popular posts from this blog

मौत दबे पाँव आई और लियाक़त अली भट्टी को अपने साथ ले गई !

'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से मीडियाकर्मियों में हड़कंप