दुनिया की सबसे सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट कोरोश्योर नई दिल्ली में लॉन्च

नई दिल्ली।  केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित दुनिया की सबसे सस्ती कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट कोरोश्योर को लॉन्च किया। इस किट को आईसीएमआर और डीसीजीआई ने मंज़ूरी दे दी है। इस अवसर पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री संजय धोत्रे भी उपस्थित थे।  इस किट को उच्चतम अंकों के साथ आईसीएमआर की मंजूरी प्राप्त हुई है और डीसीजीआई ने इसे बहुत ही उच्च संवेदनशीलता और विशिष्टता के साथ मंजूरी प्रदान की है।



पोखरियाल ने आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं के कार्यों के लिए उनकी सराहना की और किट के विकास और निर्माण में शामिल सभी लोगों को बधाई दी। मंत्री ने कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट विकसित करने के लिए, आईआईटी दिल्ली के प्रो. विवेकानंदन पेरुमल और उनकी शोध टीम की सराहना की। इस टीम में प्रशांत प्रधान (पीएचडी स्कॉलर), आशुतोष पांडे (पीएचडी स्कॉलर), प्रवीण त्रिपाठी (पीएचडी स्कॉलर), डॉ. अखिलेश मिश्रा, डॉ. पारूल गुप्ता, डॉ. सोनम धमीजा, प्रो मनोज बी मेनन, प्रो बिश्वजीत कुंडू और प्रो जेम्स गोम्स शामिल हैं।


पोखरियाल ने बताया कि आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित डायग्नोस्टिक किट, जो अब इस उद्घाटन के साथ अधिकृत परीक्षण प्रयोगशालाओं द्वारा उपयोग के लिए उपलब्ध होगी, कोविड-19 के लिए आरटी-पीसीआर परीक्षण की लागत में उल्लेखनीय रूप से कमी आएगी। आरटी-पीसीआर जांच का आधार मूल्य 399 रुपये है। यहां तक कि आरएनए आइसोलेशन और प्रयोगशाला शुल्क जोड़ने के बावजूद भी, प्रति परीक्षण लागत बाजार में वर्तमान में उपलब्ध किट की तुलना में बहुत सस्ती होगी। आईआईटी दिल्ली ने अपने शोधकर्ताओं द्वारा विकसित तकनीक का इस्तेमाल करते हुए 10 कंपनियों को कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट का निर्माण करने का लाइसेंस प्रदान किया है।


इस अवसर पर अमित खरे ने बताया कि आईआईटी दिल्ली, रियल-टाइम पीसीआर- आधारित नैदानिक परीक्षण के लिए आईसीएमआर की मंजूरी प्राप्त करने वाला पहला अकादमिक संस्थान बन गया है। आईसीएमआर द्वारा अनुमोदित कोविड-19 के लिए यह पहला जांच-मुक्त परीक्षण भी है। उन्होंने कहा कि परीक्षण को सरकार के चिकित्सा अनुसंधान निकाय में 100 प्रतिशत संवेदनशीलता और विशिष्टता के साथ मान्यता प्रदान की गई है। खरे ने समाज की भलाई के लिए आईआईटी दिल्ली के प्रयासों की सराहना की और उनके प्रयासों के सफलता के लिए कामना की।


आईआईटी दिल्ली के डॉयरेक्टर प्रो. वी रामगोपाल राव ने कहा कि आईआईटी दिल्ली किफायती किट का विकास और विनिर्माण करने के लिए, भारत सरकार, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर से प्राप्त समर्थन के लिए आभारी है। हमारे शोधकर्ता कोविड-19 से संबंधित अनुसंधान और विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे, जिससे कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में देश के साथ-साथ दुनिया को मदद मिल सके।



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