एक और एक्टर की मौत, बेहद तंगहाली में दम तोड़ा गुजरे दौर के अभिनेता रतन चोपड़ा ने

मुंबई। बॉलीवुड के उभरते हुए एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के ख़ुदकुशी करने की ख़बरों की सुर्ख़ियों के बीच गुजरे दौर के मशहूर एक्टर रतन चोपड़ा के निधन की खबर सामने आई है। हालांकि रतन चोपड़ा की मौत रविवार के दिन सुशांत के ख़ुदकुशी करने से पहले हुई। वे कैसर से जूझ रहे थे और काफी समय से बीमार भी थे। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनका निधन पंजाब के मलेरकोटला में शुक्रवार को हुआ। हालांकि पता अब चला है। उनके निधन की खबर की पुष्टि खुद उनकी बेटी अनीता ने की है।



रतन चोपड़ा को लोग रवि चोपड़ा के रूप में भी जानते थे।  वे मूल रूप से पंजाब के मलेर कोटला के रहने वाले थे और फिल्मों में आने से पहले उनकी पहचान अब्दुल जब्बार खान के रूप में थी। उन्होंने बहुत कम फिल्में की और वे फिल्म उद्योग छोड़कर वापस पंजाब लौट गए थे। कहा जाता है कि उन्होंने अपने फिल्मी करियर में ढेर सारी फिल्मों के ऑफर ठुकरा दिए और अंग्रेजी टीचर के रूप में अपनी जिंदगी बिताने के लिए अपने घर लौट गए।


जिन फिल्मों में उन्होंने काम करने का ऑफर ठुकरा दिया वे फिल्में इंडस्ट्री में काफी हिट रहीं। धर्मेंद्र की कामयाब फिल्में लोफर, आया सावन झूम के और जुगनू जैसी फिल्में ठुकराकर उन्होंने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया और नियति देखिए कि अपनी जिंदगी की ढलान पर उन्हें इस उद्योग ने मदद करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि पैसों का अभाव के चलते उनका इलाज नहीं हो पाया था। मीडिया के हवाले से खबर है कि उनकी मौत 12 जून को हो गई थी। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रतन चोपड़ा के परिवार ने कहा कि कुछ 10 दिनों पहले ही उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र, अक्षय कुमार और सोनू सूद से आर्थिक मदद मांदी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बता दें कि रतन ने शादी नहीं की थी लेकिन उन्होंने एक बेटी अनीता को गोद लिया था। जिंदगी के आखिरी दौर में उनके पास पैसे नहीं थे और गरीबी में उनका जीवन गुजर रहा था।


कहा तो यह भी जा रहा है कि उन्होंने गुरुद्वारे और मंदिरों में खाना खाकर अपना पेट भर रहे थे।।उन्होंने बॉलीवुड की मशहूर एक्ट्रेस तनूजा के साथ 1972 में 'मोम की गुडिय़ा' में मुख्य भूमिका निभायी थी।


फिल्म 'मोम की गुडिय़ा' के इस गीत में तनूजा के साथ देखिये रतन चोपड़ा को - https://youtu.be/SL72eRM-nao


 


Popular posts from this blog

जुनूनी एंकर पत्रकार रोहित सरदाना की कोरोना से मौत

ऑडियो-वीडियो लेखन पर हिंदी का पहला निशुल्क पाठ्यक्रम 28 जनवरी से होगा शुरू

'कम्युनिकेशन टुडे' ने पूरा किया 25 साल का सफ़र, मीडिया शिक्षा की 100 वर्षों की यात्रा पर विशेषांक