डाकिया अब डाक ही नहीं, आम भी लाएगा, ऐप पर कर सकेंगे बुक

नई दिल्ली। डाकिया डाक लाया तो गुजरे जमाने की बात हो गई है क्योंकि डाकिया अब आम भी लाएगा। रहमान खेड़ा स्थित सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ़ सबट्रॉपिकल हॉर्टीकल्चर (सीआईएसएच) और भारतीय डाक विभाग, इसके लिए एक समझौता करने जा रहे हैं। इसके बाद आप देश में कहीं से भी लखनऊ के दशहरी समेत किसी भी आम को ऑनलाइन बुक कर सकेंगे और डाकिया उसे आपके घर तक पहुंचाएगा। इसके सफल ट्रायल के बाद ही यह फैसला लिया गया है। एक-दो दिन में दोनों विभागों के बीच एमओयू होने और ऑनलाइन बुकिंग के लिए एक विशेष ऐप लॉन्च करने की योजना है।



सीआईएसएच के निदेशक डॉ़ शैलेंद्र राजन के मुताबिक, लखनऊ के आम पूरे देश में पसंद किए जाते हैं। कोरोना काल में इनको एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाना मुश्किल हो गया था। इसलिए यह रास्ता तलाशा गया है। डाक विभाग के पास पूरे देश में बड़ा नेटवर्क है। उसका इस्तेमाल आम पसंद करने वाले लोगों के लिए किया जा सकता है। इससे आम की खेती करने वालों को भी मुनाफा होगा। 


आपको बता दें कि इसी तरह की एक पहल कर्नाटक  प्रान्त में भी की गई है।  वहां करीब दो महीने पहले कर्नाटक स्टेट मेंगो डेवलपमेंट एंड मार्केटिंग कोऑपरेशन ने डाक विभाग के सहयोग से लोगों के घरों तक आम पहुँचाने का प्रयोग शुरू किया है, जिसे बहुत पसंद किया जा रहा है। 


शैलेंद्र राजन ने कहा- मैंगोबाबा ऐप से भी ऑनलाइन सप्लाई चेन विकसित की जा रही थी, लेकिन प्राइवेट कुरियर कंपनियों के लिए इस महामारी में आम पहुंचाना आसान नहीं रह गया। इसलिए डाक विभाग साथ आया है। एक अलग ऐप के साथ मैंगोबाबा ऐप में भी ऑनलाइन बुकिंग के ऑप्शन दिए जाएंगे। ऐप में बुकिंग का खर्च आदि की भी जानकारी मौजूद होगी। डाक विभाग के साथ आने बाद अब सप्लाई चेन भी बढ़ेगी। ट्रायल के नतीजे उत्साहित करने वाले हैं। फरीदाबाद, दिल्ली और मुरादाबाद में आम 24 घंटे के भीतर पहुंचे हैं। डॉ़ राजन के मुताबिक इसके जरिए न केवल आम बल्कि बागवानी के उपकरण भी पहुंचाए जाएंगे। कोरोना की वजह से आम की बागवानी में इस्तेमाल होने वाले तमाम उपकरण भी लोगों को आसानी से नहीं मिल रहे हैं। किसान दूर तक यात्रा करना नहीं चाहते। ऐसे में दोनों विभागों के साथ आ जाने के बाद हार्वेस्टर, कीड़ों के लिए जाल और दूसरी चीजें भी किसानों को आसानी से मिल सकेंगी।


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