रमजान पर पाकिस्तान में टीवी स्टूडियो में भी अजीब सा सन्नाटा


मुंबई। रमजान के दौरान पाकिस्तान में इफ्तार और सेहरी के समय पर तरह-तरह के टीवी कार्यक्रम दिखाए जाते हैं।  कई गेम शो में महंगे इनाम भी दिए जाते रहे हैं लेकिन इस बार टीवी स्टूडियो में भी अजीब सा सन्नाटा है। सामान्य समय में पाकिस्तान में लोग टीवी पर आने वाले गेम शो में इनाम जीतने के लिए भाग लेते हैं, जो लोग घर पर होते हैं वे भी इन गेम शो का भरपूर आनंद लेते हैं लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान और यहां के टीवी दर्शकों के लिए यह समय सामान्य नहीं है। कोरोना वायरस के फैलने से रोकने के लिए उठाए कदमों के तहत स्टूडियो में भी ऑडियंस नहीं हैं और गेम्स में भाग लेने वाले प्रतियोगी वीडियो लिंक के जरिए शो में शामिल होते हैं, तो कुछ लोग फोन कर अपना जवाब देते हैं या फिर मेसेज के जरिए।



"जीतो पाकिस्तान" के होस्ट फहद मुस्तफा अपने शो के शुरुआत में कहते हैं, "लेकिन ऐसा नहीं है कि हम मनोरंजन नहीं करेंगे या मुस्कुराना छोड़ देंगे । हम रमजान के दौरान होने वाले मनोरंजन के कार्यक्रम बंद नहीं कर देंगे।" पाकिस्तान में रमजान के दौरान खाना बनाने से लेकर धार्मिक कार्यक्रम खासतौर पर दिखाए जाते हैं। दर्शक भी उत्साह के साथ इन कार्यक्रमों को देखते हैं या फिर उनमें भाग लेते हैं। टीवी पर दिखाए जाने वाले धार्मिक शो के भी स्टूडियो पर पाबंदियों का असर पड़ा है। पाकिस्तान में सरकार कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए पूरा जोर लगा रही है।


एआरवाई एंटरटेंमेंट चैनल पर दिखाए जाने वाला मुस्तफा का शो देश में सबसे लोकप्रिय कार्यक्रमों में से एक है। कारण है उनके शो के लिए स्टूडियो में आने वाले ऑडियंस, लेकिन अब मुस्तफा सिर्फ कैमरा से बात करते हैं। गेम शो में दिए जाने वाले इनाम भी कम कर दिए गए हैं,  इसका कारण है किसी हद तक पैसे की कमी और फिलहाल देश का मिजाज। रमजान के महीने में टीवी पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन भी बढ़ जाते हैं और स्पॉनसरशिप भी अधिक होती है लेकिन दोनों ही नीचे की तरफ चले गए हैं. देश की अर्थव्यवस्था का भी यही हाल है जो लॉकडाउन की मार झेल रही है।


पाकिस्तान की शीर्ष मार्केटिंग एजेंसी माइंडशेयर के प्रबंध निदेशक आगा जोहैब के मुताबिक, "हर एक चैनल में मुकाबला होता था कि किसका सेट बड़ा होगा और कौन हस्तियों को लेकर आएगा लेकिन अब हम देख रहे हैं कि टीवी विज्ञापन में 30 से 40 फीसदी तक खर्च में कटौती की जा रही है। "


'गैलप पाकिस्तान' की ओर से कराए गए देशव्यापी सर्वे के मुताबिक 49 फीसदी पाकिस्तानियों ने कहा कि उन्होंने महामारी के कारण काम करना बंद कर दिया है और 84 फीसदी लोगों ने कहा कि उनकी आय का महत्वपूर्ण हिस्सा कम हो गया है।


पाकिस्तान में मीडिया पर नजर रखने वाले नियामक ने नोटिस जारी कर शो बनाने वालों को दिखावटी प्रदर्शन से बचने को कहा है। उसके मुताबिक, "दुनिया भूख, संसाधनों की कमी और बेरोजगारी से पीड़ित है।" गेम शो में पिछले साल इनाम के तौर पर सोना और कारें दी गई थीं और उसके पहले के साल में निजी जेट भी दिया जा चुका है।


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