मीडिया कंपनियों के बिलों का भुगतान करने के लिए सरकार ने दिए 135 करोड़ रुपए

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने विभिन्न मीडिया कंपनियों के बकाया बिलों का भुगतान करने के लिए 135 करोड़ रुपए मंज़ूर किए हैं। केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने यह जानकार दी। इस बीच  गुजरात की प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को भी राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के निर्देश पर वहां की सरकार ने प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री के मार्च तक के बकाया विज्ञापन बिलों के भुगतान को मंजूरी प्रदान कर दी है।  



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री रूपाणी का कहना है कि राज्य में नकदी का प्रवाह  स्थिर रहता है तो सरकार अप्रैल के सभी विज्ञापन बिलों को भी क्लियर कर देगी। प्रिंट मीडिया को इंफॉर्मेशन का सबसे भरोसेमंद रूप बताते हुए रूपाणी ने यह भी कहा कि फेक न्यूज को प्रसारित होने से रोकने के लिए अखबारों का सपोर्ट करना काफी महत्वपूर्ण है।


बता दें कि आर्थिक रूप से कमजोर इंडस्ट्री को बचाने के लिए इंडियन न्यूजपेपर सोसायटी  ने सरकार से प्रोत्सान पैकेज देने समेत कई मांग की थीं। सरकार के लिखे पत्र में आईएनएस ने कहा था कि विज्ञापनों की कमी की वजह से प्रिंट मीडिया इंडस्ट्री को मार्च और अप्रैल यानी दो महीने में लगभग 4000-4500 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इसके साथ ही आर्थिक गतिविधियों के ठप हो जाने और निजी क्षेत्र से विज्ञापन न मिलने की आशंका के चलते 6-7 महीनों में 12,000-15,000 करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है।


आर्थिक नुकसान का हवाला देते हुए कई मीडिया  संस्थानों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती कर दी है। कुछ संस्थानों ने कर्मचारियों की संख्या में भी कमी कर दी है और उन्हें घर भेज दिया है। ऐसे लोगों से कहा गया है कि हालात सामान्य होने के बाद उन्हें वापस बुलाया जा सकता है, हालांकि कर्मचारी समझ रहे हैं कि संस्थान ने उनकी हमेशा के लिए छुट्टी कर दी है। 


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