कोरोना ने बॉलीवुड में नए कलाकारों के करियर पर लगाया ब्रेक

मुंबई। कोरोना महामारी ने अनेक लोगों के सपनों को चूर-चूर कर दिया है। इनमे ऐसे लोग भी  हैं जो सतरंगी सपनों को अपनी आँखों में संजोये मायानगरी में आये थे और जिन्हे अब डर है कि अगर हालात जल्द ही नहीं सुधरे तो उनके सपने हमेशा-हमेशा के लिए मिट्टी में मिल जाएँगे। कोरोना के चलते मुंबई में फिल्मों के शूट बंद हुए तो लाइटमैन, कैमरा, मेकअप आर्टिस्ट जैसे तमाम डेली वेजर्स की मदद के लिए हाथ उठे. लेकिन उनका क्या जो खुद यहां हीरो-हीरोइन बनने आए थे? ये लोग अब वापस लौटने को मजबूर हैं। 




शूटिंग के ऐसे नज़ारे फिलहाल मुंबई में कहीं नज़र नहीं आते।


राजस्थान  के जयपुर  से आने वाले विक्रांत मेसी तीन साल पहले मुंबई आए थे।   इंजीनियरिंग करने के बाद विक्रांत  ने कुछ समय नौकरी की और फिर थियेटर से जुड़ गए। एक्टिंग से लगाव और हीरो बनने की तमन्ना विक्रांत  को मुंबई ले आई।  मुंबई में शुरुआती दो-तीन महीने के भीतर ही विक्रांत  को स्टार टीवी के एक डेलीसोप में एक रोल मिल गया।  रोल छोटा था लेकिन उनके चेहरे और कद-काठी से कास्टिंग डायरेक्टर वाकिफ हो गए।  उनके कान्टैक्ट बनने लगे, जल्द ही उन्हें एक फिल्म में छोटा सा रोल मिल गया। इस फिल्म की शूटिंग शुरू होती, इससे पहले ही देशव्यापी लॉकडाउन हो गया और इस तरह विक्रांत के करियर पर ब्रेक लग गया। अब उन्हें डर है कि कहीं कास्टिंग डायरेक्टरों के जहन से वह उतर ना जाएं। 


विक्रांत का कहना है कि वह ना तो डेली वेजर्स में गिने जाते हैं और ना ही फिलहाल किसी यूनिट के सदस्य हैं, इसलिए उन्हें कोई आर्थिक मदद नहीं मिल रही।  उन्होंने कहा, "न्यूकमर्स को आज से तीन साल पहले तक छोटे-मोटे रोल के लिए पांच हजार रुपये रोजाना मिल जाते थे, लेकिन वेब प्लेटफार्म के चलते रेट कम हुए और अब नए एक्टरों को बमुश्किल तीन हजार रुपये रोजाना ही मिल पाते हैं। ” 


समस्या सिर्फ काम की ही नहीं है। एक एक्टर के लिए जिम, वर्कआउट और फिटनेस भी बहुत अहम है, लेकिन कोरोना के चलते जिम बंद हो गए हैं, फल और खाने-पीने के सामान की किल्लत होने लगी है, शरीर में सुस्ती आने लगी है।  ऐसे में उनके लिए अपनी फिटनेस को बनाए रखना भी चैलेजिंग हो गया है।  वे बताते हैं, "घर में योगा करते हैं लेकिन जिम की बात अलग है। ” चिंता यह भी है कि कोरोना के बाद जब शूट शुरू होगा तब भी कम ही लोग सेट पर आएंगे, ऐसे में न्यूकमर्स के लिए नेटवर्किंग के मौके कम हो जाएंगे। 


कुछ ऐसी ही परेशानियां पंजाब से आए एक्टर गुणराज सिंह को भी हो रही हैं।  24 साल के गुणराज पंजाब में रीजनल फिल्मों और थियेटर से जुड़े रहे हैं। गुणराज हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने छह महीने पहले मुंबई आए लेकिन कोरोना की वजह से उनकी जिंदगी ठहर सी गई है। उन्होंने बताया कि मुंबई आने के बाद कई ऑडिशन दिए, अभी कुछ-कुछ जगह बात बन ही रही थी कि कोरोना आ गया। घर से कुछ मदद ले रहे थे लेकिन अब जालंधर में उनके घर का भी बिजनेस बंद  पड़ा है।  ऐसी स्थिति में गुणराज और विक्रांत  जैसे कई लोग वापस लौटने की योजना बनाने लगे हैं।  गुणराज कहते हैं, "अगर कोरोना संक्रमण के चलते चीजें ऐसी ही रहीं तो फिर सब कुछ शून्य से शुरू से करना होगा।  पहले जो थोड़ा बहुत डबिंग का काम मिल जाता था वो भी खत्म हो जाएगा।”



फिलहाल तो मदद की कोई उम्मीद इन नए एक्टरों को नहीं दिख रही, लेकिन तमाम परेशानियों के बावजूद सब एक्टर ये तो मानते हैं कि उन्हें अपनी कला को निखारने और अपने अभिनय पर काम करने का अच्छा मौका मिल गया है।


 


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