कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से मीडियाकर्मियों में हड़कंप


जयपुर। दैनिक जागरण, आगरा के वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ का निधन हो गया है। कोरोनावायरस  पॉजिटिव होने के बाद उन्हें आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने आखिरी सांस ली। बताया जाता है कि कोरोना की चपेट में आए पंकज की हालत ज्यादा खराब होने पर बुधवार को उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वे 52 साल के थे और डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी गरिमा कुलश्रेष्ठ व 13 वर्षीय बेटा अक्षांत उर्फ वंश है। पंकज दैनिक जागरण मथुरा के जिला प्रभारी रह चुके हैं। वर्तमान में दैनिक जागरण आगरा में कार्यरत थे।  पंकज कुलश्रेष्ठ बहुत ही कर्तव्यनिष्ठ एवं मृदुभाषी थे।  वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से हड़कंप मचा हुआ है।  



इस बीच ये भी खबर है कि एसएन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने पंकज कुलश्रेष्ठ की मृत्यु का कारण उन्हें सांस की बीमारी बताया है। कोरोना होने पर यह और बढ़ गई। सांस लेने में तकलीफ होने लगी। यह इतनी बढ़ी कि वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। गुरुवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।



सूत्रों का कहना है कि कोरोना की चपेट में आए पंकज की हालत खराब होती गई और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था।  डाक्टर उन्हें बचा नहीं पाए।  अब भी ग्यारह पत्रकारों का इलाज चल रहा है।  बावजूद इसके दैनिक जागरण की यूनिटों में अब भी जबरदस्ती आफिस में बिठाकर काम कराया जा रहा है।  इससे यहां कार्यरत मीडियाकर्मियों में रोष के साथ साथ भय भी है। 

उल्लेखनीय है कि दैनिक जागरण और पंजाब केसरी जैसे संस्थानों में कोरोना के मरीज मिलने और इस महामारी की चपेट में कई मीडियाकर्मियों के आने के बावजूद इनके आफिसेज को सील नहीं किया गया।  ऐसा संभवत: इन मीडिया संस्थानों के रुतबे के चलते हुआ।  इनकी जगह अगर कोई दूसरी कंपनी होती तो अब तक प्रशासन सील कर यहां कार्यरत सभी लोगों को क्वारंटीन में डाल चुका होता। पर दैनिक जागरण और पंजाब केसरी वाले अपने धंधे के चक्कर में महामारी में अपने कर्मियों को झोंक दे रहे हैं और प्राण लेने पर उतारू हैं। 

पंकज कुलश्रेष्ठ आगरा के अशोक नगर में परिवार के साथ रहते थे। तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर के पंकज कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। चार मई को उन्हें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी, तब उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई और गुरुवार शाम करीब सात बजे उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।

 

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