मीडिया के विज्ञापनों पर रोक लगाने से हर साल बचेंगे करीब ढाई हज़ार करोड़ रुपए

 


जयपुर। कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए फण्ड जुटाने के सिलसिले में दो साल तक मीडिया के विज्ञापनों पर रोक लगाने के सोनिया गांधी के सुझाव को सोशल मीडिया पर अनेक लोगों ने सराहा है। सोशल मीडिया पर ज्यादातर यूजर कह रहे हैं कि इस सुझाव पर अमल करने से हर साल करीब ढाई  हज़ार करोड़ रुपए की बचत हो सकती है। यह वो राशि है जो सरकार मीडिया को विज्ञापन देने में खर्च करती है। 



कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  को सलाह दी है कि वह सरकार और पीएसयू द्वारा मीडिया कंपनियों (टीवी, प्रिंट और ऑनलाइन) को विज्ञापन दिए जाने पर दो साल तक के लिए रोक लगा दें।  सोनिया गांधी का यह सुझाव सोशल मीडिया पर खूब पढ़ा जा रहा है, और इस पर बॉलीवुड के मशहूर एक्टर संजय खान की बेटी और जूलरी डिजाइनर फराह खान अली का भी ट्वीट आया है जो खूब सुर्खियां बटोर रहा है।


कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी  ने प्रधानमंत्री  को  सरकारी विज्ञापन बंद करने, दिल्ली में 20,000 करोड़ रुपये के "सौंदर्यीकरण अभियान" को टालने तथा अधिकारियो-मंत्रियों का विदेश दौरा रद्द करने और पीएम केयर्स फंड की राशि को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत फंड में स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। यह चिट्ठी ऐसे समय लिखी गई जब हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों के नेताओं से फोन पर बात करके कोरोना वायरस संकट के संबंध में सुझाव मांगे थे। 
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में उन्होंने लिखा है- "सम्पूर्ण मीडिया (टी वी, प्रिंट, ऑनलाइन) के सरकारी तथा राजकीय उपक्रमों के विज्ञापनों पर पूरी तरह रोक लगाई जाए , दो वर्ष की अवधि के लिए।  केवल कोविड -19 या स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विज्ञापन ही दिए जा सकते हैं।" उन्होंने कहा कि अगर इसे तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाए तो सरकार के पास इससे हर साल करीब 2500  करोड़ रुपये की बचत होगी जिसका इस्तेमाल कोरोना के साथ जंग में किया जा सकता है। 


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