अपनी छवि सुधारने के लिए विदेशी पत्रकारों का इस्तेमाल कर रहा है चीन

नई दिल्ली। कोरोना वायरस को लेकर दुनियाभर में आलोचनाओं का शिकार हुआ चीन अब अपनी छवि सुधारने के लिए विदेशी पत्रकारों का इस्तेमाल कर रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीन अब प्रचार मशीनरी का इस्तेमाल कर रहा है। अंग्रेजी न्यूज़ चैनल वायोन की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन कोरोना वायरस के चलते उसके ख़िलाफ़ हो रही आलोचनाओं का सक्रिय रूप से जवाब देने के लिए प्रोपेगैंडा मशीनरी का इस्तेमाल कर रहा है। 



रिपोर्ट के मुताबिक, इस मशीनरी का एक हिस्सा उस प्रोग्राम से जुड़ा हुआ है जिसे चीन ने 2016 में शुरू किया था।  इसके तहत चीन विदेशी पत्रकारों को 10 महीने की ट्रेनिंग देता है।  इस कार्यक्रम के तहत कई विदेशी पत्रकार गुज़रे कुछ सालों में चीन जा चुके हैं। अब चीन इन मीडिया कर्मियों को एक बार फिर अपने यहाँ बुलाकर अपने पक्ष में खबरें और रिपोर्ट तैयार करने के लिए कह रहा है। 


रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की प्रोपेगैंडा मशीनरी में बड़ी संख्या में फेक सोशल मीडिया अकाउंट्स शामिल हैं जो कि चीन के समर्थन वाले कंटेंट को पूरी दुनिया में फैलाते हैं। एक्सपर्ट ब्रह्मा चेलानी ने अंग्रेजी न्यूज़ मैगजीन ओपेन में लिखा है कि चीन अब पूरी दुनिया में एक ग्लोबल लीडर के तौर पर अपनी रीब्रैंडिंग करने की आक्रामक तरीके से कोशिश कर रहा है। चेलानी  कहते हैं, "चीन की पब्लिक डिप्लोमैसी में ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों का इस्तेमाल शामिल है। इनके ज़रिए वह गलत और झूठी सूचनाएं जारी कर पूरी दुनिया में नैरेटिव को प्रभावित करना चाहता है। "


 


 


 


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