सोशल मीडिया के कारण लड़कियों में अधिक मानसिक विकार

जयपुर।  हालिया एक अध्ययन में पता चला है कि सोशल मीडिया के कारण लड़कियों में  मानसिक विकार के अधिक मामले  सामने आ रहे हैं।


अध्ययन में सिर्फ 43 फीसदी लड़के और 51 फीसदी लड़कियां एक दिन में कई बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हुए पाए गए। अध्ययन में देखा गया कि कई बार सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से दोनों वर्गों  में मानसिक समस्या अधिक थी। शोध में पता चला है कि दुनियाभर में 10 में से नौ और 13 से 17 साल के किशोर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। जो बच्चे एक दिन में तीन बार  का इस्तेमाल करते हैं, उनमें दिमागी बीमारी होने की अधिक संभावना रहती है। वैज्ञानिकों ने 13 हजार किशोरों के साथ किए एक इंटरव्यू के जरिए प्राप्त डाटा का विश्लेषण किया।



यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के विशेषज्ञों ने पाया कि उन किशोर लड़कियों में चिंता की दर 28 प्रतिशत अधिक थी, जो अक्सर सोशल मीडिया का इस्तेमाल करती थीं। वहीं लड़के भी फेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम जैसी लोकप्रिय सोशल साइटों का इस्तेमाल करने के चलते इस समस्या का शिकार दिखे। लेकिन वे लड़कियों के मुकाबले इस बीमारी से कम ग्रस्त पाए गए।


शोधकर्ताओं ने कहा कि सोशल मीडिया सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है। उनका मानना है कि सोशल मीडिया पर घंटों समय बिताने से लड़कियों में साइबर बुलिंग के शिकार होने के साथ-साथ नींद और व्यायाम की कमी हो सकती है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर रसेल विनर ने कहा, हमारे परिणाम बताते हैं कि सोशल मीडिया के बार-बार इस्तेमाल करने से वो गतिविधियां बाधित होती हैं जो मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालती हैं।


 


 


 


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