जेएलएफ में जुटेंगे 20 से ज्यादा देशों के 35 भाषाएं बोलने वाले 300 से अधिक वक्ता

जयपुर। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में इस साल 20 से ज्यादा देशों के 35 भाषाएं बोलने वाले 300 से अधिक वक्ता उपस्थित होंगे| फेस्टिवल में चेक रिपब्लिक, मौरिशियस, नीदरलैंड, स्वीडन और नाइजीरिया के लेखक उपस्थित होंगे| हमेशा की तरह ही बहुत से भारतीय, अमेरिकी, ब्रिटिश, फ्रेंच और जर्मन लेखक भी प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे| 



जेएलएफ के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि दुनियाभर के विख्यात वक्ता प्रोग्राम का हिस्सा बनेंगे, जिनमें शामिल हैं:मिनिस्ट्री ऑफ़ आर्ट्स एंड कल्चरल हेरिटेज मौरिशियस में प्रेसिडेंट फंड की चेयरपर्सन, शिक्षाविद और लेक्चरार अनीता औजायेब; अंटवेर्प मैनेजमेंट स्कूल की क्रिएटिव डायरेक्टर, कल्चरल पालिसी की एक्सपर्ट-सलाहकार और यूनेस्को कमीशन की सदस्य एनिक शेरेम; कवि, निबंधकार, संपादक, फोटोग्राफर और आयरलैंड के प्रमुख जर्नल आयरिश पेजेज: ए जर्नल ऑफ़ कंटेम्पररी राइटिंग के संस्थापक क्रिस एगी; बर्मा और एशियाई इतिहास के लेखक, ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज के फेलो, यांगोन हेरिटेज ट्रस्ट के संस्थापक और अध्यक्ष, यू थांट हाउस के अध्यक्ष और पद्म श्री सम्मान से सम्मानित थांट मिंट-यू| 

लेखिका, प्रकाशक और जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के सह-निदेशक, नमिता गोखले ने कहा, “प्रत्येक वर्ष, हमारे साथ दुनिया के भिन्न भागों, भिन्न राष्ट्रीयता और भाषाओँ का प्रतिनिधित्व करने वाले लेखक जुड़ते हैं| इस साल, एक बार फिर से, हमने ज्यादा से ज्यादा भिन्न विषयों और भाषाओँ के वक्ताओं को आमंत्रित करने का प्रयास किया है| मैं मानती हूं कि हम अपने प्रयास में सफल रहे और 20 से ज्यादा देशों के 35 भाषाएं बोलने वाले 300 से अधिक वक्ता फेस्टिवल का हिस्सा बनने जा रहे हैं| हम तहेदिल से उनके स्वागत के लिए तैयार हैं|” 
बहु-प्रतीक्षित फेस्टिवल अपने खूबसूरत आशियाने, द डिग्गी पैलेस होटल, जयपुर में पाठकों के स्वागत के लिए तैयार है| पिछले दशक में, ये फेस्टिवल पूरी दुनिया में छा चुका है और अब तक तक़रीबन 2000 वक्ताओं और एक मिलियन से ज्यादा साहित्य-प्रेमियों की मेजबानी कर चुका है| प्रत्येक वर्ष दुनिया भर के लेखक, चिंतक और पुस्तक-प्रेमी अपने विचार और सपने साझा करने के लिए यहां जुटते हैं| 


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