अमित शाह ने किया नरेंद्र मोदी पर लिखी पुस्‍तक ‘कर्मयोद्धा ग्रंथ’ का विमोचन

नई दिल्ली।  केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह ने आज यहां  नरेंद्र मोदी पर लिखी पुस्‍तक ‘कर्मयोद्धा ग्रंथ’ का विमोचन करते हुए कहा कि  नरेंद्र मोदी संवेदनशील व्यक्ति, कठोर प्रशासक और निडर सेनापति हैं तथा उन्‍होंने सदैव ‘राजा प्रथमो सेवक’ के मंत्र पर काम किया है।  शाह का कहना था कि मोदी जी के नेतृत्‍व वाली सरकार पर पिछले 6 साल में एक भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं है जो कार्यकर्ताओं के लिए गौरव का विषय है। उनका कहना था कि नरेंद्र मोदी ने राज्यों को 10% ज्यादा बजट देकर उनका अधिकार दिया जो पंडित दीनदयाल के अंत्योदय के संकल्प को चरितार्थ करता है।



अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 13 करोड़ घरों को गैस चूल्हा देने का काम किया है, अगर यह काम पश्चिम के देशों ने किया होता तो वाह-वाही होती पर मोदी जी इस बात की परवाह नहीं करते और निस्वार्थ भाव से सिर्फ काम करते हैं। उनका यह भी कहना था कि श्री नरेंद्र मोदी ने घर-घर में बिजली पहुंचाने का काम किया।


 अमित शाह ने कहा कि पूर्व में तीन भ्रांतियां थी जिसमें  उद्योगों के साथ किसान का विकास, शहर के साथ गांव का विकास और चुने हुए सरकार प्रतिनिधि चला रहे हैं या बाबू, यह तीनों मिथक  नरेंद्र मोदी ने समाप्त किए और सर्व-स्पर्शी, सर्व-समावेशी विकास का उदाहरण प्रस्तुत किया। शहरी विकास, ग्रामीण-विकास, शिक्षा, आरोग्य आदि सभी क्षेत्रों में काम कियातथाभ्रष्टाचारशून्य शासन कैसा होगा उसकी नींव रखने का काम किया।  शाह ने यह भी कहा कि  नरेंद्र मोदी ने विदेश नीति में उल्लेखनीय काम किया और सभी राष्ट्रों के साथ समानता के साथ व्यवहार किया है। भारतीय डायस्पोरा को जगाने का काम किया और जहां भी भारतीय मूल के लोग हैं उन्हें भारत के विकास से जोड़ने का काम किया। श्री अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी को जानने के लिए उनकी पृष्ठभूमि जानना जरूरी है। उन्‍होंने गरीबी, अभाव, अवहेलना सहन करते हुए राष्ट्रभक्ति से देश की सेवा करने का काम किया है और आज त्याग, समर्पण तथा सेवाभाव के साथ देश के लिए कार्य कर रहे हैं। श्री शाह का कहना था किनरेंद्र मोदी ने खुद कटुता सहन की है पर उनका प्रयास रहता है कि भारत के किसी बच्चे को कटुता सहन न करनी पड़े।श्री शाह ने बताया कि श्री नरेंद्र मोदी के साथ काम करने का अलग अनुभव है।


 शाह ने कहा कि 2001 से 2014 तक गुजरात की सरकार ने सम-विकास को दर्शाया जिसमें समाज के हर वर्ग का विकास स्पर्श करता था और आज वही माडल देश में काम कर रहा है। लोकतंत्र में लोक-संवाद को चरितार्थ करने का काम श्री मोदी के नेतृत्‍व में किया गया। उनका कहना था कि लोक तंत्र में सफल शासन का प्रमाण जन-स्वीकृति होती है और बार-बार लोकतांत्रिक जनादेश मोदी जी को मिल रहा है जो उनकी जन-स्वीकृति का प्रमाण है।


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