उर्दू शायरी का महोत्सव जश्न-ए-रेख्ता कल से

नई दिल्ली। 'रस टपकता है तेरे होठों से, तू तो उर्दू ज़बान लगती है।' जी हां, कुछ इसी अहसास के साथ  तीन दिन तक उर्दू शायरी का महोत्सव जश्न-ए-रेख्ता 13 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। जश्न-ए-रेख्ता में इस बार रचनात्मक और प्रदर्शन कला के क्षेत्र में महिलाओं का योगदान मुख्य आकर्षण होगा। इस तीन दिवसीय समारोह में देश के मशहूर शायर, गायक और कलाकार शामिल हो रहे हैं।  इस दौराम बड़ी संख्या में लोग शायरों और मुशायरों की महफिल में लुत्फ उठाएंगे और यह सन्देश देने का प्रयास करेंगे कि  उर्दू भारत की भाषा है, किसी एक मुल्क या धर्म की भाषा नहीं है। 


सूफी गायिका हर्षदीप कौर के संगीतमय प्रदर्शन के साथ 13 दिसंबर को इस जश्न की शुरुआत होगी तो वहीं 15 दिसंबर को प्रसिद्ध गायक जसपिंदर नरूला के कार्यक्रम के साथ यह समारोह समाप्त होगा। इस महोत्सव में महिला कवियों के एक मुशायरे के साथ ही “चहार बैत” नाम से एक लोक संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। पिछले संस्करण में महिला कवयित्रियों  के अनोखे मुशायरे को लोगों ने खासा पसंद किया था।



हमेशा से बॉलीवुड हस्तियों के एक अच्छे समूह की मेजबानी करने वाला यह तीन दिवसीय महोत्सव इस बार भी सिनेमा प्रेमियों को निराश नहीं करेगा।इस साल इस जश्न में शामिल होने वाली हस्तियों में प्रख्यात गीतकार जावेद अख्तर, निर्देशक अनुभव सिन्हा, अभिनेता-कवि पीयूष मिश्रा, मशहूर अभिनेत्री दिव्या दत्ता, सचिन पिलगांवकर और रजा मुराद शामिल हैं। जश्न की खास पेशकश ग्रैंड मुशायरे की मेजबानी मशहूर उर्दू कवि मुनव्वर राणा, राहत इंदौरी, खुशबीर सिंह शाद और मुकेश आलम करेंगे। इस कार्यक्रम में महात्मा गांधी की 150वीं और गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती भी मनाई जाएगी।


इस समारोह में हिमांशु बाजपेयी 'दास्तान-ए-महाभारत' और 'दास्तान-ए-लखनऊ' पेश कर इतिहास को याद करेंगे। अवधी, मुगलई, हैदराबादी, अफगानी, बिहारी, कश्मीरी और पुरानी दिल्ली के जायके के शौकीन लोगों के लिए 'ऐवान-ए-जायका' एक भव्य दावत की मेजबानी करेगा। इसके अलावा प्रसिद्ध रेख्ता बाजार और पुस्तक बाजार भी लगेगा, जिसमें उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी साहित्य की पुस्तकें उपलब्ध होंगे। साथ ही इस बाजार में पुरानी दिल्ली की प्राचीन वस्तुएं, हस्तशिल्प, इत्र आदि वस्तुएं उपलब्ध होंगी।


 


Popular posts from this blog

मौत दबे पाँव आई और लियाक़त अली भट्टी को अपने साथ ले गई !

'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से मीडियाकर्मियों में हड़कंप