मीडिया की आजादी पर पाबंदी से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

 


नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने तेलंगाना में एक महिला चिकित्सक से बलात्कार एवं उसकी हत्या के मामले और इस घटना के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की रिपोर्टिंग करने से मीडिया को रोकने की कोशिश नामंजूर कर दी। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति एस ए नजीर तथा न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने कहा, ''प्रथम दृष्टया हम मीडिया पर पाबंदी लगाने के इच्छुक नहीं हैं।''



मुठभेड़ घटना की स्वतंत्र जांच की मांग करते हुए एक याचिका दायर करने वाले वकीलों में शामिल एक अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि मीडिया पर कुछ नियंत्रण रहना चाहिए क्योंकि यह पुलिस द्वारा किए गए अपराध के बारे में चुनिंदा तरीके से साक्ष्यों को उजागर कर रहा है। इसके बाद , पीठ की यह टिप्पणी आई। पीठ ने कहा, ''हम अयोध्या जैसे मामलों को छोड़ कर, जिसमें मध्यस्थता गोपनीय थी, अन्य मामलों में मीडिया पर पाबंदी लगाना नहीं चाहते। कुछ संतुलन रहना चाहिए। '' न्यायालय ने कहा कि मीडिया हर जगह है और बाद में पीठ ने अपने आदेश में बलात्कार एवं मुठभेड़ के मामलों पर रिपोर्टिंग से निपटने में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सहायता मांगी।


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