जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में व्यंजन की लजीज कहानियां भी होंगी

दुनिया का भव्यतम साहित्यिक उत्सव, जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल अपने बहु-प्रतीक्षित 13वें संस्करण के साथ तैयार है| जयपुर, राजस्थान के शानदार डिग्गी पैलेस होटल में 250 से अधिक लेखक, चिंतक, राजनेता और लोकप्रिय सांस्कृतिक आदर्श कला, संस्कृति और साहित्य के माध्यम से प्रस्तुति देंगे|


यद्यपि इस सबसे बड़े साहित्यिक मेले' में अब तक साहित्य, कला और संगीत को ही प्रमुखता दी जाती रही है, लेकिन 2020 के संस्करण में खान-पान से जुड़ी कई दिलचस्प कहानियां और यादें श्रोताओं के साथ साझा की जाएंगी|


खूबसूरत गुलाबी नगरी की पृष्ठभूमि में आयोजित इस फेस्टिवल में, व्यंजन-शैली वाले सत्रों में जानी-मानी लेखिका मधुर जाफरी और अस्मा खान अपने अनुभव साझा करेंगी|


जाफरी के जीवन की शुरुआत, दिल्ली की गलियों के ज़ायकेदार व्यंजनों से हुई| उनकी गर्मियां बीतीं हिमालय की पहाड़ियों पर और फिर जायके का ये सफर जा पहुंचा ब्रिटेन| उनकी किताब क्लाइम्बिंग द मैंगो ट्री – फ़ूड एंड मैमोरी, में पाठकों को ब्रिटिश राज में बीते उनके बचपन और उस समय के विशिष्ट व्यंजनों के प्रति उनका नजरिया समझने का मौका मिलेगा| उनके साथ संवाद करेंगे लेखक चंद्रहास चौधरी|


इसके साथ ही, नेटफ्लिक्स की एमी पुरस्कारों में नामांकित सीरिज, शेफ'स टेबल की पहली ब्रिटिश-शेफ, अस्मा खान भी श्रोताओं को व्यंजन के अपने सफर, और राजपूत व बंगाली संबंध के बारे में बताएंगी| हालांकि अस्मा ने घर की बोरियत से उकताकर खाने की तरफ कदम बढ़ाया था, लेकिन अब आखिरकार वो लंदन के एक रेस्टोरेंट में, घरेलु रसोइये के माध्यम से, घर का बना खाना परोस रही हैं| वो मानती हैं कि खाने के साथ आपकी सबसे मजबूत यादें जुड़ी होती हैं, और ये ही आपकी मानसिक जड़ता को तोड़ सकती हैं| 23–27 जनवरी 2020 को आयोजित जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 13वें संस्करण में दुनिया के श्रेष्ठ लेखक, चिंतक, मानवतावादी, राजनेता, बिजनेस नेता और मनोरंजन जगत की हस्तियाँ एक ही मंच पर उपस्थित होंगी|


कैप्शन - मधुर जाफरी 



Popular posts from this blog

मौत दबे पाँव आई और लियाक़त अली भट्टी को अपने साथ ले गई !

'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से मीडियाकर्मियों में हड़कंप