हैदराबाद की घटना को लेकर मीडिया ने भी दिखाए सरोकार

 

हाल ही में हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ गैंगरेप प्रकरण को लेकर देशभर में हंगामा मचा है, कहीं रैलियां तो कहीं कैंडल मार्च निकाल कर लोग सरकार पर अपना गुस्सा जता रहे हैं वहीं लोकतांत्रिक ढांचे को भी इस घटनाक्रम ने हिला कर रख दिया है...  .  चैनल और अखबारों में भी घटना की गंभीरता देखी जा सकती है।  गैंगरेप घटना के बाद शुक्रवार को ही नेशनल चैनलों ने मामले को गंभीरता से लोगों को दिखाया,,, टीवी18, आजतक और दूसरे अन्य नेशनल चैनल्स ने भी खबर को प्रमुखता से प्रसारित किया, अगले ही दिन सभी नेशनल अखबारों की भी सुर्खियां बनते घटनाक्रम को समय नहीं लगा और देखते ही देखते देशभर में हर युवा और कामगार की जुबां पर इस घटनाक्रम का जिक्र था। 

मीडिया ने जहां मामले की गंभीरता को समझा और इसे प्रसारित करने में पूरी संवेदनशीलता दिखाई वहीं जयपुर में पत्रकारों ने पहल करते हुए घटनाक्रम का विरोध किया और महिला डॉक्टर के पक्ष में पिंकसिटी प्रेस क्लब से शहीद स्मारक तक कैडल मार्च निकालकर मृतक महिला डॉक्टर को न सिर्फ श्रद्धासुमन अर्पित किए बल्कि महिला डॉक्टरों के परिजनों को यह जता दिया कि जयपुर के पत्रकार भी इस मुश्किल के समय में उस परिवार के साथ खड़े हैं।  इस पहल ने  देशभर के मीडिया हाउसों को एक सीख दी है, शायद यही कारण है कि नेशनल चैनल्स ने हैडलाइन्स में रखा तो दैनिक भास्कर ने खबर को महत्व देते हुए लीड स्टोरी की तरह अंतिम पृष्ठ पर खबर को प्रकाशित कर महिला डॉक्टर को सच्ची श्रद्धांजलि दी।  लेकिन आज कई अखबारों की हैडलाइन से इतना बड़ा प्रकरण नदारद सा दिखा।  इधर सरकार भी इस घटना को लेकर गंभीर दिख रही है तो विपक्ष ने भी अब इसे सरकार को घेरने का एक मुद्दा बना लिया है। जहां एक और स्कूल, कॉलेज और डॉक्टरों ने इसे जघन्य अपराध बताकर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है और आज भी प्रदर्शन जारी है वहीं संसद में विपक्ष ने भी सरकार को घेरकर देशभर महिला सुरक्षा को लेकर कठोर से कठोर कानून बनाने की मांग कर दी है।

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