भूमि पेडनेकर को ‘एशियन स्टार्स: अप नेक्स्ट’ अवार्ड

 


मुंबई । मकाउ अंतरराष्ट्रीय  फिल्म महोत्सव के समापन समारोह के दौरान अभिनेत्री  भूमि पेडनेकर को 'एशियन स्टार्स: अप नेक्स्ट' के रूप में सम्मानित किया गया।  यह पुरस्कार एशियाई ऑन-स्क्रीन प्रतिभा को पहचानने और बढ़ावा देने के लिए है, जिन्होंने होम मार्किट में खुद को स्थापित किया है, लेकिन जिनमे  वैश्विक स्तर पर सीमाओं को पार करने की क्षमता है। पेडनेकर ने इस मौके पर अपने इंस्टाग्राम पेज पर लिखा, 'मैं कृतज्ञ हूं और इस पुरस्कार के साथ  कड़ी मेहनत करने और खुद को लगातार चुनौती देने के लिए प्रेरित हूं। वाकई गर्व और सम्मान का एक यादगार पल।'



फिल्म 'बाला' की सक्सेस एंज्वॉय करने के बाद भूमि पेडनेकर ने 'पति पत्नी और वो' के जरिए एक बार फिर सटीक निशाना लगाया है। हालांकि, वह यहीं रुकने वाली नहीं हैं। अब वह अपनी अगली मूवी 'डॉली किट्टी' और 'वो चमकते सितारे' ऑडियंस के साथ शेयर करना चाहती हैं। अलंकृता श्रीवास्तव के डायरेक्शन में बनने वाले इस प्रोजेक्ट को लेकर भूमि का कहना है कि उन्होंने हाल-फिलहाल ऐसी शानदार स्क्रिप्ट नहीं पढ़ी है। उनका कहना है कि दो तेज-तर्रार बहनों में से एक का रोल करने के लिए उन्हें अपनी पर्सनल लाइफ से काफी मदद मिली। उनके मुताबिक, 'मेरे किरदार की ख्वाहिशें बहुत बड़ी हैं। 19 साल की उम्र में मैं भी ऐसी ही थी। मेरे कुछ सपने थे और मैंने उनपर काम शुरू कर दिया। किट्टी की कहानी मेरे जैसी है। मुझे एहसास हो गया था कि यह किरदार करने में मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस बहुत काम आएगा।'


इस मूवी में उनके साथ एक और 'पावरहाउस परफॉर्मर' कोंकणा सेन शर्मा भी नजर आएंगी। जब उनके सामने उनकी को-स्टार का नाम लिया जाता है तो भूमि के चेहरे की चमक बढ़ जाती है और वह कहती हैं, 'मैं कोंकणा की बड़ी फैन हूं और उनके साथ स्क्रीन शेयर करना अमेजिंग एक्सपीरियंस था। एकता कपूर (प्रोड्यूसर), अलंकृता और हम दोनों फ्रंट फुट पर खेलना पसंद करते हैं। यही वजह है कि हम साथ आए। मैं चाहती हूं कि यह मूवी पूरी दुनिया घूमे। हम हाल ही में 'बूसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल' गए थे, वहां ऑडियंस का रिएक्शन जबरदस्त था।'


चार साल के छोटे से करियर में ही भूमि ने अपनी मूवीज के जरिए हिंदी सिनेमा में फीमेल एक्ट्रेसेस को लेकर बने नैरेटिव को बदलने का काम किया है। वह कहती हैं, 'वे दिन गए जब हीरोइन्स मूवीज में सिर्फ ग्लैमर की चीज हुआ करती थीं। सोसाइटी बदल रही है और स्ट्रॉग फीमेल कैरेक्टर्स लिखे जा रहे हैं। मैं यह नहीं कह रही हूं कि पहले एक्ट्रेसेस को अहम किरदार निभाने को नहीं मिलते थे लेकिन ऐसे मौके बहुत कम होते थे।'


Popular posts from this blog

मौत दबे पाँव आई और लियाक़त अली भट्टी को अपने साथ ले गई !

'बालिका वधु' जैसे धारावाहिकों के डायरेक्टर रामवृक्ष आज सब्जी बेचने को मजबूर

कोरोना की चपेट में आए वरिष्ठ पत्रकार पंकज कुलश्रेष्ठ के निधन से मीडियाकर्मियों में हड़कंप