भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय के टिकट अब ऑनलाइन भी उपलब्ध

भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय (एनएमआईसी) के ऑनलाइन टिकट के लिए फिल्म प्रभाग और बुकमायशो (बीएमएस) के बीच एक सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस सहमति पत्र पर फिल्म प्रभाग की महानिदेशक  स्मिता वत्स शर्मा और बुकमायशो के मुख्य परिचालन अधिकारी (लाइव एंटरटेनमेंट)  अल्बर्ट अल्मीडिया ने आज नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही एनएमआईसी जाने के लिए टिकट की बुकिंग अब महज एक क्लिक से ही हो सकती है। इससे देश-विदेश के सिने प्रेमी काफी लाभान्वित होंगे। उपर्युक्त सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के समय अपर सचिव ने कहा कि एमओयू दरअसल इस संग्रहालय की आउटरीच पहल का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य एनएमआईसी में आने वाले आगंतुकों की संख्या बढ़ाना है।


भारत में सिनेमा को समर्पित एकमात्र संग्रहालय एनएमआईसी राष्ट्रीय महत्व का एक संस्थान है और इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने मुंबई स्थित फिल्म प्रभाग के परिसर में इस वर्ष जनवरी में किया था।  भारत के समृद्ध सिनेमाई इतिहास और धरोहर को प्रदर्शित करने के लिए इस विशिष्ट संग्रहालय की स्थापना की गई और यहां सिनेमा के जरिए भारत का सामाजिक-आर्थिक इतिहास और उद्भव अंतर्निहित है। यह संग्रहालय दो भवनों यथा संग्रहालय की नई इमारत और 19वीं शताब्दी की धरोहर संरचना  'गुलशन महल' में समाहित है। ये दोनों ही भवन फिल्म प्रभाग के परिसर में अवस्थित हैं। यह संग्रहालय दुर्लभ कलाकृतियों, चित्रावली, पोशाक, अद्भुत विशेषताओं और कियॉस्क, इंटरएक्टिव डिजिटल स्क्रीन एवं सूचना आधारित स्क्रीन इंटरफेस सहित डिजिटल व्यवस्थाओं की मदद से भारतीय सिनेमा के इतिहास को दर्शाता है।


इस सहमति पत्र के तहत एनएमआईसी के लिए टिकटों की ऑफलाइन और ऑनलाइन बिक्री हेतु बुकमायशो तकनीकी समाधान मुहैया कराएगी। यह पहली बार संग्रहालय आने वालों को विभिन्न तरह की आकर्षक पेशकश करेगी, ताकि संग्रहालय के लिए नये आगंतुकों को प्रोत्साहित किया जा सके। बीएमएस ई-मेल भेजने के साथ-साथ समय-समय पर उपयोगकर्ताओं (यूजर) के अपने डेटाबेस के लिए अधिसूचनाएं भेजेगी, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार एनएमआईसी आने के लिए अपनी योजना बना सकें। बुकमायशो अपनी वेबसाइट पर एनएमआईसी का प्रचार-प्रसार करने के अलावा अपने विशेष प्रस्ताव के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम इत्यादि पर भी इसका निःशुल्क प्रचार करेगी, ताकि संग्रहालय में आगंतुकों की संख्या बढ़ाने में मदद मिल सके।


 


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